मानकमजरा: पट्टे की जमीन पर भूमाफिया का कब्जा, ​तहसील दिवस में गूंजा

मानकमजरा: पट्टे की जमीन पर भूमाफिया का कब्जा, ग्रामीणों में भारी रोष

तहसील दिवस में गूंजा मामला, तहसीलदार दयाराम ने दिए तुरंत जांच के आदेश; दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

भगवानपुर। तहसील परिसर में आयोजित तहसील दिवस के दौरान उस समय हड़कंप मच गया जब पीड़ितों ने अपनी समस्याओं को लेकर अधिकारियों के सामने गंभीर नाराजगी जताई और स्थानीय प्रशासन पर लापरवाही के सीधे आरोप लगाए। इस दौरान मानकमजरा गांव में पट्टे की सरकारी भूमि पर भूमाफिया द्वारा अवैध कब्जे का मामला प्रमुखता से छाया रहा, जिस पर संज्ञान लेते हुए तहसीलदार ने कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

​10 साल से काबिज परिवार को दबंगों ने खदेड़ा

​मानकमजरा गांव निवासी पीड़ित नाजिर ने तहसीलदार को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित ने बताया कि करीब 10 वर्ष पूर्व सरकार द्वारा उनके परिवार के भरण-पोषण के लिए एक पट्टा आवंटित किया गया था। इस भूमि पर उनका परिवार पिछले 10 सालों से शांतिपूर्वक खेती-बाड़ी कर अपना गुजारा चला रहा था।

​आरोप है कि महज दो महीने पहले गांव के ही एक दबंग भूमाफिया ने उनकी इस जमीन पर जबरन और अवैध रूप से कब्जा कर लिया। पीड़ित का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद भी स्थानीय स्तर पर दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे भूमाफिया के हौसले बुलंद हैं। थके-हारे शिकायतकर्ता ने अब सरकार और उच्च प्रशासन से गुहार लगाई है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उनकी पैतृक भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए।

​तहसीलदार ने कहा- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

​तहसील दिवस में मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार दयाराम ने तत्काल कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने बिना किसी देरी के संबंधित राजस्व अधिकारियों और पुलिस टीम को मौके पर जाकर तुरंत जांच करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

अधिकारियों का पक्ष:

​”मानकमजरा गांव का मामला बेहद गंभीर है। पट्टे की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को तुरंत मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दे दिए गए हैं। एक से दो दिन के भीतर मौके पर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। जो भी व्यक्ति सरकारी पट्टे की भूमि पर अवैध कब्जे में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होगी, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।”

— दयाराम, तहसीलदार, भगवानपुर।

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