भगवानपुर तहसील में फसल बर्बादी पर मुआवज़ा वितरण में अनियमितता के आरोप
भगवानपुर। लगातार हो रही भारी वर्षा से भगवानपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले अनेक गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने से खेत जलमग्न हो गए और किसानों की गन्ना सहित खरीफ की पूरी फसल तथा पशुओं के चारे की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को राहत राशि देने की घोषणा की थी और निर्देश दिए थे कि लेखपाल मौके पर जाकर आकलन कर मुआवज़े की प्रक्रिया पूरी करें। लेकिन किसानों का आरोप है कि लेखपाल वास्तविक सर्वेक्षण करने के बजाय एक जगह बैठकर अपने करीबियों को ही फसल मुआवजा दिलाने की साज़िश कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि डाडा जलालपुर, हकीमपुर हल्लूमाजरा, बहाबलपुर, कालसो सहित अन्य गांवों में किसानों की फसल पूरी तरह चौपट हो चुकी है, बावजूद इसके कई जगह लेखपाल मौके पर पहुंचे ही नहीं। इससे ईमानदार और ज़रूरतमंद किसानों को मुआवज़ा मिलने पर संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों में निष्पक्ष सर्वे कराया जाए, ताकि वास्तविक पीड़ित किसानों को ही आपदा राहत का लाभ मिल सके।
