भगवानपुर। तहसील दिवस के मौके पर भगवानपुर तहसील में जिला और तहसील स्तर के अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। भगवानपुर एसडीएम डीएस नेगी, सीडीओ हरिद्वार, तहसीलदार, खण्ड विकास अधिकारी आलोक गार्ग्य बिजली विभाग व पीडब्ल्यूडी के अधिकारी जनता की सुनवाई के लिए पहुंचे।कार्यक्रम में कुल 43 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 10 का निवारण मौके पर ही किया गया। लेकिन तहसील दिवस पर अधिकारी जहां ज्यादा दिखाई दिए, वहीं शिकायत लेकर आने वाली जनता की संख्या अपेक्षाकृत कम रही।
यही वजह रही कि जनता ने तहसील दिवस की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए। लोगों का कहना है कि यदि तहसील दिवस पर ही समस्याओं का समाधान नहीं होगा तो फिर यह आयोजन सिर्फ औपचारिकता और दिखावा बनकर क्यों रह जाता है?
जनता का सवाल है कि आखिर अधिकारी प्रशासन और तहसील प्रशासन जनता का भरोसा क्यों नहीं जीत पा रहे हैं। क्या तहसील दिवस केवल कागज़ी खानापूर्ति के लिए मनाया जा रहा है या वास्तव में समस्याओं का हल निकालने के लिए
हालांकि, तहसील दिवस पर एक शिकायत शिक्षा विभाग से भी जुड़ी हुई सामने आई। लेकिन खंड शिक्षा अधिकारी की अनुपस्थिति को लेकर लोगों ने नाराज़गी जताई। शिक्षा की नगरी कहे जाने वाले भगवानपुर में शिक्षा अधिकारी का इस महत्वपूर्ण अवसर पर उपस्थित न होना जनता ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया।