तेज हवा चलने से नीचे गिरने से सरसों की फसल हुई बर्बाद

तेज हवा से सरसों की फसल गिरने से किसानों के लिए बहुत चिंता का विषय है। जब सरसों की फसल पकने वाली होती है या उसमें फूल-फलियां आ जाती हैं, तो तेज हवा और बारिश उसे जमीन पर गिरा देती है। इसे ‘लॉजिंग’ कहा जाता है।
जब फसल गिर जाती है, तो दाने छोटे रह जाते हैं, तेल की मात्रा कम हो जाती है और फसल की कटाई में भी बहुत दिक्कत आती है।
यहाँ कुछ सुझाव दिए गए हैं जो इस स्थिति में आपकी मदद कर सकते हैं:
1. फसल गिरने के बाद क्या करें?
* तुरंत पानी न दें: अगर फसल गिर गई है, तो खेत में पानी बिल्कुल न लगाएं। गीली मिट्टी में फसल के गलने और फफूंद (Fungus) लगने का खतरा बढ़ जाता है।
* पकने का इंतजार करें: यदि फसल पूरी तरह नहीं सूखी है, तो उसे छेड़ें नहीं। उसे उसी स्थिति में पकने दें। गिरने के बाद उसे उठाने की कोशिश करने से तने टूट सकते हैं और फलियां झड़ सकती हैं।
* फफूंदनाशक का छिड़काव: अगर नमी ज्यादा है और फसल जमीन से सटी हुई है, तो सफेद रत या अन्य बीमारियों से बचाने के लिए किसी विशेषज्ञ की सलाह पर हल्का फफूंदनाशक छिड़कें।
2. बचाव के तरीके (अगली बार के लिए)
अगर आपकी फसल अभी पूरी तरह नहीं गिरी है या आप भविष्य के लिए सावधानी बरतना चाहते हैं:
* सिंचाई का समय: जब तेज हवा चलने की संभावना हो (खासकर मौसम विभाग के अलर्ट के दौरान), तो सिंचाई न करें। गीली मिट्टी में जड़ें ढीली हो जाती हैं और पौधा आसानी से गिर जाता है।
* पोटाश का उपयोग: बुवाई के समय पोटाश (K_2O) का सही मात्रा में प्रयोग करें। यह तने को मजबूती देता है जिससे फसल हवा झेलने के सक्षम बनती है। किस्म का चुनाव: अगली बार ऐसी किस्मों का चुनाव करें जिनका तना मजबूत और छोटा होता है।
3. सरकारी सहायता और बीमा
अगर नुकसान बहुत ज्यादा (33% से अधिक) हुआ है, तो:
* प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY): अगर आपने बीमा कराया है, तो 72 घंटों के भीतर इसकी सूचना अपने बैंक या बीमा कंपनी को दें।
* कृषि विभाग को सूचित करें: स्थानीय कृषि अधिकारी (ADOs) या पटवारी को नुकसान का जायजा लेने के लिए बुलाएं ताकि मुआवजे की प्रक्रिया शुरू हो सके।
क्या आप जानना चाहेंगे कि आपकी क्षेत्र की मिट्टी के हिसाब से कौन सी खाद तने को ज्यादा मजबूत बना सकती है?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *